जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, प्रथम, लखनऊ।
परिवाद संख्या:- 30/2016 उपस्थित:-श्री नीलकंठ सहाय, अध्यक्ष।
श्री अशोक कुमार सिंह, सदस्य।
श्रीमती सोनिया सिंह, सदस्य।
परिवाद प्रस्तुत करने की तारीख:-12.01.2016
परिवाद के निर्णय की तारीख:-16.08.2022
रमाकान्त शुक्ला आयु लगभग 55 वर्ष पुत्र स्व0 जग प्रसाद शुक्ला, निवासी-एफ 745, राजाजीपुरम, लखनऊ। ..............परिवादी।
बनाम
सांई टेली सर्विस (टाटा इंडिकॉम एक्सक्लूसिव शॉपी) बी-7, राजाजीपुरम, लखनऊ।
............विपक्षी।
आदेश द्वारा-श्रीमती सोनिया सिंह, सदस्य।
निर्णय
1. परिवादी ने प्रस्तुत परिवाद धारा-12 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत विपक्षी से खराब मोबाइल के एवज में नया मोबाइल, आर्थिक, शारीरिक व मानसिक क्षतिपूर्ति हेतु 30,000.00 रूपये, दिलाये जाने की प्रार्थना के साथ प्रस्तुत किया है।
2. संक्षेप में परिवाद के कथन इस प्रकार हैं कि परिवादी ने विपक्षी की दुकान से दिनॉंक 11.07.2013 को 3,450.00 रूपये में एक मोबाइल ओ लाइव वी0जी0सी0-800 जिसका आई0एम0ई0आई0 नम्बर 910009061520717, ए10000126014बी6 है, क्रय किया था जिसमें परिवादी को उक्त मोबाइल में लगी बैट्री बैकअप कम्पनी के कथनानुसार सत्य नहीं था। बैट्री चार्ज होने के एक घण्टे के अन्दर डिस्चार्ज हो जाती है और मोबाइल हैंग करता था, जिसकी शिकायत परिवादी ने दिनॉंक 20.07.2013 को विपक्षी से मौखिक रूप से की तो विपक्षी ने कहा कि उक्त मोबाइल दे जाओ और दूसरा नया मोबाइल एक्सचेंज कर लेना।
3. परिवादी के लिये मोबाइल सेवा अति आवश्यक है क्योंकि उसके आला अधिकारी मोबाइल से ही परिवादी को आदेशित व निर्देशित करते हैं, और परिवादी के मोबाइल सेवा से कुछ व्यक्तिगत संवाद होते हैं। परिवादी का मोबाइल खराब हो जाने से उसे आर्थिक व मानसिक रूप से काफी क्षति हुई है। परिवादी ने दिनॉंक 20.07.2013 को विपक्षी को मोबाइल एक्सचेंज हेतु दिया तथा दिनॉंक 04.09.2014 को परिवादी ने विपक्षी से सम्पर्क कर अपना मोबाइल एक्सचेज हेतु प्रार्थना की परन्तु विपक्षी परिवादी को मोबाइल एक्सचेंज हेतु भ्रमित करता रहा। परिवादी के दबाव बनाने पर विपक्षी ने उक्त मोबाइल मय फुल बॉक्स ले लिया और कहा कि कुछ दिनों बाद संपर्क करना यह मोबाइल कम्पनी जायेगा और कम्पनी से ठीक हो करके ही मिलेगा। उक्त मोबाइल के एवज में कोई दूसरा मोबाइल नहीं दे सकते।
4. परिवादी लगातार विपक्षी के संपर्क में रहा, परन्तु विपक्षी द्वारा न तो उसका मोबाइल ही एक्सचेंज/बनाकर दिया गया और न ही कोई विश्वसनीय जवाब दिया गया। दिनॉंक 04.09.2014 को विपक्षी द्वारा एक रसीद लिखकर दी गयी जिस पर विपक्षी द्वारा हस्ताक्षर व दिनॉंक डाला गया है। परिवादी ने दिनॉंक 04.12.2015 को विपक्षी को रजिस्टर्ड डाक द्वारा एक नोटिस भेजा गया किन्तु विपक्षी द्वारा उक्त नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया और न ही परिवादी से विपक्षी ने कोई संपर्क किया। विपक्षी द्वारा किया गया उपरोक्त कृत्य पूर्णतया अनैतिक व विधि विरूद्ध है, क्योंकि विपक्षी द्वारा आज तक परिवादी को मोबाइल बदल कर नहीं दिया गया।
5. उल्लेखनीय है कि दिनॉंक 22.02.2016 को विपक्षी के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही अग्रसारित की गयी है। परिवाद पत्र के परिशीलन से विदित है कि दिनॉंक 25.10.2016 को एकपक्षीय आदेश को निरस्त किये जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र विपक्षी की ओर से दिया गया, जो अपास्त कर दिया गया। अर्थात यह प्रकरण एकपक्षीय रूप से अग्रसारित समझा जायेगा।
6. परिवादी द्वारा साक्ष्य में शपथ पत्र तथा टाटा डूकोमो एक्सलूसिव शाप का बिल, मोबाइल फोन जमा करने की प्रति एवं विधिक नोटिस आदि की छायाप्रतियॉं दाखिल की गयी है।
7. विपक्षी द्वारा परिवादी को दी जाने वाली सेवा में कमी की गयी है जो कि अवैधानिक हैं, जिसके कारण परिवादी को अपूर्णनीय क्षति हुई है। परिवादी राज्य सरकार का कर्मचारी है तथा उसके सारे कार्य मोबाइल के द्वारा न कर पाने के कारण मानसिक, शारीरिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। यद्यपि परिवादी सरकारी कर्मचारी है तथा उसके समस्त कार्य मोबाइल द्वारा ही सम्पादित होते थे और मोबाइल खराब होने के कारण उसके समस्त कार्यों में अवरोध उत्पन्न हुआ। विपक्षी के द्वारा परिवादी की सेवा में घोर कमी की गयी है।
आदेश
परिवादी का परिवाद आंशिक रूप से स्वीकार किया जाता है, तथा विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह परिवादी को उक्त मोबाइल की कीमत मुबलिग 3,450.00 (तीन हजार चार सौ पचास रूपया मात्र) 09 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ परिवाद दाखिल करने की तिथि से भुगतान की तिथि तक निर्णय के 45 दिन के अन्दर अदा करें। मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक कष्ट के रूप में मुबलिग 2,000.00 (दो हजार रूपया मात्र) भी अदा करें। यदि आदेश का पालन निर्धारित अवधि में नहीं किया जाता है तो उपरोक्त सम्पूर्ण धनराशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भुगतेय होगा।
(सोनिया सिंह) (अशोक कुमार सिंह ) (नीलकंठ सहाय)
सदस्य सदस्य अध्यक्ष
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, प्रथम,
लखनऊ।
आज यह आदेश/निर्णय हस्ताक्षरित कर खुले आयोग में उदघोषित किया गया।
(सोनिया सिंह) (अशोक कुमार सिंह) (नीलकंठ सहाय)
सदस्य सदस्य अध्यक्ष
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, प्रथम,
लखनऊ।
दिनॉंक 16.08.2022