Uttar Pradesh

Muradabad-II

cc/193/2011

Mohd. Yaseen - Complainant(s)

Versus

HDFC STANDARD LIFE INSURANCE COMPANY - Opp.Party(s)

11 May 2012

ORDER

District Consumer Disputes Redressal Forum -II
Moradabad
 
Complaint Case No. cc/193/2011
 
1. Mohd. Yaseen
Chamber No.24 Near Baar Association Court Compound Moradabad
...........Complainant(s)
Versus
1. H.D.F.C STANDARD LIFE INSURANCE COMPANY
Office Near Mahila Thana Moradabad
............Opp.Party(s)
 
BEFORE: 
 
For the Complainant:
For the Opp. Party:
ORDER

द्वारा- श्री पवन कुमार जैन - अध्‍यक्ष

  1.   इस परिवाद के माध्‍यम से परिवादी ने अनुरोध किया है कि विपक्षीगण को आदेशित किया जाऐ कि वह परिवाद के पैरा सं0-1 में उल्लिखित पालिसी का मूल  पालिसी वाण्‍ड परिवादी को उपलब्‍ध करायें, क्षतिपूर्ति के रूप में 1,00,000/- रूपया (एक लाख) और परिवाद व्‍यय अतिरिक्‍त दिलाऐ जाने की भी प्रार्थना की गयी है।
  2.   परिवादी के अनुसार एच0डी0एफ0सी0 की यूनिट लिंक्‍ड यंग स्‍टार प्‍लान के अधीन परिवादी ने विपक्षीगण से एक पालिसी संख्‍या- 10570808 ली थी। पालिसी की अवधि 20 वर्ष है और बीमित राशि 7.5 लाख रूपया है। परिवादी ने पालिसी की शर्तों के अनुसार प्रीमियम राशि अदा की है किन्‍तु विपक्षीगण ने मूल पालिसी वाण्‍ड परिवादी को उपलब्‍ध नहीं कराया। इसे उपलब्‍ध कराने के लिए परिवादी ने अपने अधिवक्‍ता  के माध्‍यम  से दिनांक 06/4/2011 को एक कानूनी नोटिस विपक्षीगण को भेजा जो उन पर तामील हो गया इसके बावजूद विपक्षीगण ने मूल पालिसी वाण्‍ड परिवादी को उपलब्‍ध नहीं कराया। मजबूर होकर परिवादी को फोरम की शरण में आना पड़ा। परिवादी ने परिवाद में अनुरोधित अनुतोष विपक्षीगण से दिलाऐ जाने की प्रार्थना की।
  3.   परिवाद के साथ परिवादी ने सूची कागज सं0-3/5 के माध्‍यम से नोटिस की नकल, नोटिस भेजे जाने की असल रसीद, पालिसी शिडयूल तथा विपक्षीगण की ओर  से परिवादी को भेजे गऐ पत्र दिनांकित 11/9/2010 की नकल को दाखिल किया गया है, ये प्रपत्र कागज सं0-3/6 लगायत 3/12 हैं। परिवादी ने सूची कागज सं0-3/14 के माध्‍यम से वार्षिक प्रीमियम अदा करने की वर्ष 2006, 2007, एवं 2008 की रसीदों की नकल भी दाखिल की, ये प्रपत्र कागज सं0-3/15 लगायत 3/16 हैं।
  4.   विपक्षीगण फोरम के समक्ष अपने अधिवक्‍ता के माध्‍यम से उपस्थित हुऐ, उन्‍होंने प्रतिवाद पत्र प्रस्‍तुत करने हेतु दिनांक 22/5/2012, 03/10/2012, 01/2/2013 तथा 14/3/2013 को प्रार्थना पत्र क्रमश: कागज सं0 6, 7, 8 एवं कागज सं0-9 प्रस्‍तुत किऐ जो फोरम द्वारा स्‍वीकार किऐ गऐ किन्‍तु विपक्षीगण की ओर से प्रतिवादपत्र दाखिल नहीं किया गया। अन्‍तत: दिनांक10/4/2013 को परिवाद की सुनवाई विपक्षीगण के विरूद्ध एकपक्षीय किऐ जाने के आदेश हुऐ।
  5.   परिवादी ने एकपक्षीय साक्ष्‍य में अपना साक्ष्‍य शपथपत्र कागज सं0- 10/1 लगायत 10/2 दाखिल किया।
  6.   हमने परिवादी के विद्वान अधिवक्‍ता के एकपक्षीय तर्कों को सुना और पत्रावली का अवलोकन किया। विपक्षीगण की ओर से बहस हेतु कोई उपस्थित नहीं हुऐ।
  7.   पत्रावली में अवस्थित प्रीमियम अदा करने की रसीदात कागज सं0-3/15 व 3/16 के अवलोकन से प्रकट है कि वर्ष 2006, 2007 एवं 2008 में परिवादी द्वारा पालिसी का क्रमश: 1,00,000/- रूपया (एक लाख) वार्षिक की दर से प्रीमियम विपक्षीगण को अदा किया गया। कागज सं0-3/8 से प्रकट है कि परिवादी की पालिसी दिनांक 31/3/2006 से प्रारम्‍भ हुई थी। परिवादी के विद्वान अधिवक्‍ता का कथन है कि नोटिस कागज सं0- 3/6 पंजीकृत डाक से भेजे जाने के बावजूद विपक्षीगण ने परिवादी को मूल पालिसी वाण्‍ड उपलब्‍ध नहीं कराया और ऐसा करके विपक्षीगण ने सेवा में कमी की है। हम इस मत के हैं कि परिवादी को मूल पालिसी वाण्‍ड उपलब्‍ध कराया जाना चाहिए था किन्‍तु विपक्षीगण द्वारा ऐसा नहीं किया गया और ऐसा करके विपक्षीगण ने सेवा प्रदान करने में कमी की है। मूल पालिसी वाण्‍ड दिलाऐ जाने हेतु परिवादी द्वारा किया गया अनुरोध स्‍वीकार होने योग्‍य है। उक्‍त के अतिरिक्‍त परिवादी को क्षतिपूर्ति की मद में एकमुश्‍त 5,000/- रूपया ( पॉंच हजार) और परिवाद व्‍यय के रूप में 2,500/- रूपया (दो हजार पॉंच सौ) विपक्षीगण से अतिरिक्‍त दिलाया जाना हम न्‍यायोचित समझाते हैं। परिवाद तदानुसार एकपक्षीय स्‍वीकार होने योग्‍य है।

 

 

            परिवाद एकपक्षीय स्‍वीकार किया जाता है। विपक्षीगण को आदेशित किया जाता है कि पालिसी सं0-10570808 का मूल पालिसी वाण्‍ड परिवादी को आज की तिथि से एक माह के भीतर उपलब्‍ध कराया जाऐ। परिवादी क्षतिपूर्ति की मद में 5,000/- रूपया (पाँच हजार) और परिवाद व्‍यय की मद में 2,500/- रूपया (दो हजार पॉंच सौ) अतिरिक्‍त पाने का अधिकारी होगा।

 

 

  (श्रीमती मंजू श्रीवास्‍तव)         (सुश्री अजरा खान)                 (पवन कुमार जैन)

       सदस्‍य                    सदस्‍य                                       अध्‍यक्ष

  • 0उ0फो0-।। मुरादाबाद         जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद        जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद

   11.05.2015                       11.05.2015                     11.05.2015

     हमारे द्वारा यह निर्णय एवं आदेश आज दिनांक 11.05.2015 को खुले फोरम में हस्‍ताक्षरित, दिनांकित एवं उद्घोषित किया गया।

 

 

       (श्रीमती मंजू श्रीवास्‍तव)        (सुश्री अजरा खान)                  (पवन कुमार जैन)

                सदस्‍य                          सदस्‍य                                 अध्‍यक्ष

    जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद            जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद                 जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद

   11.05.2015                           11.05.2015                               11.05.2015

   

 

 

 

 

 

 

 

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