Uttar Pradesh

Muradabad-II

CC/142/2013

Smt. Suhaleha Khatoon - Complainant(s)

Versus

Bharat Sangh Mandal - Opp.Party(s)

06 Oct 2016

ORDER

District Consumer Disputes Redressal Forum -II
Moradabad
 
Complaint Case No. CC/142/2013
 
1. Smt. Suhaleha Khatoon
R/o Moh. Kaysthaan Post & Thana Kundarki, Distt. Moradabad
...........Complainant(s)
Versus
1. Bharat Sangh Mandal
Add- D.R.M Office Moradabad
............Opp.Party(s)
 
BEFORE: 
 
For the Complainant:
For the Opp. Party:
Dated : 06 Oct 2016
Final Order / Judgement

द्वारा- श्री पवन कुमार जैन - अध्‍यक्ष

  1.   इस परिवाद के माध्‍यम से परिवादिनी ने यह उपशम मांगा है कि विपक्षी से उसे रेलवे के टिकट सं0-40652807 दिनांकित 10/5/2013 की धनराशि अंकन 10,325/-रूपया 18 प्रतिशत वार्षिक ब्‍याज सहित दिलाई जाऐ। क्षतिपूर्ति की मद में 50,000/- रूपया और अधिवक्‍ता फीस, वाद  व्‍यय इत्‍यादि की मद में 20,000/- रूपया परिवादिनी ने अतिरिक्‍त मांगा है।
  2.   संक्षेप में परिवाद कथन इस प्रकार हैं कि दिनांक 10/5/2013 को परिवादिनी ने ट्रेन सं0-12430, बैंगलूरू राजधानी एक्‍सप्रेस से  वातानुकूलित-3 में 4 बर्थ मुरादाबाद रेलवे स्‍टेशन से आरक्षित कराई थी।  टिकट सं0-40652807 तथा पी0एन0आर0 सं0-2609427932 था। टिकट के परिवादिनी ने 10,325/- रूपया अदा किऐ थे। टिकट के सापेक्ष हजरत निजामउद्दीन रेवले स्‍टेशन से बैंगलूरू सिटी के लिए दिनांक 11/5/2013  को यात्रा की जानी थी। परिवादिनी यात्रा करने वाले अन्‍य परिजनों के   साथ दिनांक 11/5/2013 को समय से हजरत निजामउद्दीन रेलवे स्‍टेशन  पर पहुँच गई। जब परिवादिनी यात्रा करने वाले अपने परिजनों के साथ  ट्रेन में चढ़ी तो रेलवे स्‍टाफ ने उन्‍हें गाड़ी  में सवार होने से रोक दिया और कहा कि वे यात्रा नहीं कर सकती क्‍योंकि उनके टिकट वेटिंग में है  और कन्‍फर्म नहीं है। परिवादिनी ने एजरात किया कि टिकट यह कहकर जारी की गई थी कि अतिरिक्‍त यात्री होने पर अतिरिक्‍त बोगी लगाई  जाऐगी। इस पर रेलवे स्‍टाफ ने उनके साथ दुर्व्‍यवहार किया और कहा कि  तुम यात्रा नहीं कर सकती जहां से आरक्षण कराया है वहां से इस टिकट को कैंसिल कराओ और अपने पैसे वापिस ले लो। परिवादिनी के अनुसार जब तत्‍काल सेवा में वेटिंग का प्राविधान है तो तद्नुरूप इन्‍तजाम भी   होने चाहिए थे। विपक्षी के कृत्‍य सेवा में कमी और अनुचित व्‍यापार प्रथा की श्रेणी में आते हैं। परिवादिनी को आवश्‍यक कार्य से बैंगलूरू पहुँचना  था किन्‍तु रेलवे के कर्मचारियों के उपरोक्‍त कृत्‍यों की वजह से उसे ट्रेन छोड़नी पड़ी। वह अपने परिजनों के साथ दिल्‍ली में अपनी रिश्‍तेदारी में  रूक गई। रेलवे का टिकट परिवादिनी ने अपने साथ आये एक रिश्‍तेदार  श्री मसूद अख्‍तर को रद्द कराने के लिए दे दिया। मसूद अख्‍तर ने  मुरादाबाद आकर दिनांक 12/5/2013 को मांग पत्र भरकर टिकट मुरादाबाद   के रेलवे आरक्षण केन्‍द्र पर प्रस्‍तुत किया। रेलवे कर्मचारी ने उसे कम्‍प्‍यूटर  में डाला और बताया कि कम्‍प्‍यूटर उसे स्‍वीकार नहीं कर रहा है। मसूद अख्‍तर वहां से आ गऐ और अगले दिन उन्‍होंने एक लिखित शिकायत रेलवे स्‍टेशन, राजा का सहसपुर पर दर्ज कराई जहॉं उसे बताया गया कि  टिकट की धनराशि अब वापिस नहीं हो सकती। परिवादिनी के अनुसार  वह अन्‍य ट्रेन से किसी प्रकार बैंगलूरू गई। वापिस आने पर उसने स्‍टेशन  मास्‍टर एवं स्‍टेशन प्रबन्‍धक से भेंट की और टिकट की धनराशि की  10325/- रूपया वापिसी की मांग की, किन्‍तु  परिवादिनी  को  पैसे वापिस  नहीं किऐ गऐ और उसे कोई संतोषजनक उत्‍तर भी नहीं मिला तब   परिवादिनी ने विपक्षी को एक कानूनी नोटिस भिजवाया जिसका उत्‍तर   परिवादिनी को दिनांक 19/7/2013 को प्राप्‍त हुआ। परिवादिनी ने यह  कहते हुऐ कि विपक्षी की दूषित कार्य प्रणाली और अपकृत्‍यों से  परिवादिनी  को अनुावश्‍यक कष्‍ट उठाना पड़ा है, परिवाद में अनुरोधित अनुतोष दिलाऐ  जाने की प्रार्थना की।  
  3.   परिवाद के साथ परिवादिनी ने हजरत निजामउद्दीन से बैंगलूरू सिटी की यात्रा करने हेतु टिकट दिनांकित 10/5/2013, बैगलूरू सिटी से हजरत निजमाउद्दीन रेलवे स्‍टेशन के वापिसी के टिकट, विपक्षी तथा रेलवे बोर्ड  के चेयरमैन को भेजे गऐ कानूनी नोटिस दिनांकित 12/6/2013 तथा अमर  उजाला  अखबार की दिनांक 16/6/2013 की कटिंग की फोटो प्रतियों को  दाखिल किया, यह प्रपत्र पत्रावली के कागज सं0-3/5 लगायत 3/11 हैं।
  4.   विपक्षी की ओर से प्रतिवाद पत्रकागज सं0-11/1 लगायत 11/4   दाखिल हुआ जिसके साथ बैगलूरू सिटी डिपो के सी0टी0आई0 श्री के एम0  सिद्धेश्‍वर का शपथ पत्र तथा परिवादिनी द्वारा रेलवे के कर्मचारियों के  विरूद्ध की गई शिकायत की जॉंच रिपोर्ट की नकलों को दाखिल किया।  श्री सिद्धेश्‍वर का शपथ पत्र कागज सं0-12/1 तथा जॉंच रिपोर्ट की नकल   कागजसं0-12/2 लगायत 12/9 है।
  5.   विपक्षी की ओर से प्रतिवाद पत्र में यह तो स्‍वीकार किया गया कि  दिनांक 10/5/2013 को परिवादिनी ने ट्रेन सं0-12430 की वातानुकूलित -3 में 4 बर्थ तत्‍काल सेवा में आरक्षित कराई थीं जो वेटिंग में थी, किन्‍तु   शेष परिवाद कथनों से इन्‍कार किया गया। अग्रेत्‍तर कथन किया गया   कि परिवादिनी द्वारा आरक्षित कराई गई चारों बर्थों की वेटिंग लिस्‍ट क्रमश: 39, 40, 41 एवं 42 थी। चॅूंकि यह बर्थ वेटिंग में थी अत: इनका कोई बर्थ नम्‍वर रिजर्वेशन के समय नहीं दिया गया। गाड़ी में आरक्षण  कराते समय जब आरक्षण प्रतीक्षा में होता है यात्री को स्‍पष्‍ट बता दिया जाता है कि टिकट प्रतीक्षा में है अगर वह चाहें तो आरक्षण कराये क्‍योंकि टिकट कन्‍फर्म होने की कोई गारण्‍टी नहीं है। यात्री के सहमत होने पर  ही वेटिंग में टिकट दिया जाता है। रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन चलने से 4 घण्‍टे  पूर्व फाइनल करके रेलवे स्‍टेशन पर भेज दिया जाता है ताकि जिनका टिकट कन्‍फर्म न हुआ हो वे चाहें तो अपना टिकट वापिस कर लेवें। राजधानी गाडि़यों में जितनी बर्थ होती है उतने ही यात्री सफर करते हैं  और इसके अतिरिक्‍त यात्री सफर नहीं कर सकते। प्रतिवाद पत्र में अग्रेत्‍तर  कहा गया कि फाइनल चार्ट में परिवादिनी के टिकट कन्‍फर्म नहीं हो पाऐ थे जिस कारण वह यात्रा करने की अधिकारिणीं नहीं थी। परिवादिनी से  कोई अतिरिक्‍त बोगी लगाने के लिए नहीं कहा गया था। परिवादिनी को  पता चल गया था कि उसकी बर्थे कन्‍फर्म नहीं है वह ट्रेन के सी0टी0आई0   से नहीं मिली। जॉंच में पाया गया कि रेलवे स्‍टाफ द्वारा कथित दुर्व्‍यवहार  सम्‍बन्‍धी परिवादिनी की शिकायत मनगढ़न्‍त है। परिवादिनी से किसी ने   कोई दुर्व्‍यवहार नहीं किया। परिवादिनी को जब पता चल गया था कि   उसकी सीटे कन्‍फर्म नहीं हैं तो हजरत निजामउदृदीन स्‍टेशन पर ही उसे  टिकट वापिस कर देना चाहिए था जो उसने नहीं किया जिसके लिए   परिवादिनी स्‍वयं जिम्‍मेदार है। जिस तारीख का टिकट था उस दौरान  ट्रेन छूटने के 12 घण्‍टे के अन्‍दर टिकट वापिसी हो सकती थी, किन्‍तु इस  समयावधि में परिवादिनी की ओर से रिफण्‍ड की कार्यवाही नहीं की गई इसके लिए स्‍वयं परिवादिनी जिम्‍मेदार है। विपक्षी की ओर से यह कहते  हुऐ कि रेलवे ने कोई अनुचित व्‍यापार प्रथा नहीं अपनाई तथा सेवा में  कोई कमी नहीं की। परिवाद सव्‍यय खारिज किऐ जाने की प्रार्थना की  गई।
  6.  परिवादिनी ने अपना साक्ष्‍य शपथ पत्र कागज सं0-14/1 लगायत  14/3 दाखिल किया जिसके साथ रिजर्वेशन फार्म तथा ट्रेन सं0-12430  से दिनांक 11/5/2013 को हजरत निजामउद्दीन से बैंगलूरू सिटी की यात्रा  हेतु रेलवे का टिकट और दिनांक 11/5/2013 के टिकट कैंसिलेशन फार्म  की फोटो प्रतियों को बतौर संलग्‍नक दाखिल किया गया है, यह प्रपत्र पत्रावली के कागज सं0-14/4 लगायत 14/6 हैं।
  7.  रेलवे विभाग की ओर से मुरादाबाद रेल प्रबन्‍धक कार्यालय के  ए0सी0एम0 श्री दलीप कुमार का साक्ष्‍य शपथ पत्र कागज सं0-15/1  लगायत 15/3 दाखिल हुआ।
  8. प्र‍त्‍युत्‍तर में परिवादिनी ने प्रत्‍युत्‍तर शपथ पत्र कागज सं0-16   प्रस्‍तुत किया।
  9. परिवादिनी ने लिखित बहस दाखिल नहीं की।
  10. विपक्षी की ओर से लिखित बहस दाखिल हुई।
  11. हमने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्‍तागण के तर्कों को सुना और  पत्रावली का अवलोकन किया।

 

 

 

 

  (श्रीमती मंजू श्रीवास्‍तव)    (सुश्री अजरा खान)    (पवन कुमार जैन)

          सदस्‍य               सदस्‍य              अध्‍यक्ष

  •     0उ0फो0-।। मुरादाबाद    जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद  जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद

     06.10.2016           06.10.2016        06.10.2016

 

     हमारे द्वारा यह निर्णय एवं आदेश आज दिनांक 06.10.2016 को खुले फोरम में हस्‍ताक्षरित, दिनांकित एवं उद्घोषित किया गया।

 

     (श्रीमती मंजू श्रीवास्‍तव)   (सुश्री अजरा खान)    (पवन कुमार जैन)

          सदस्‍य               सदस्‍य              अध्‍यक्ष

  •     0उ0फो0-।। मुरादाबाद    जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद  जि0उ0फो0-।। मुरादाबाद

       06.10.2016           06.10.2016        06.10.2016

 

 

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